इस गर्मी के एक दिन। अचानक खिड़की की ओर देखा तो जाली पर कोई काली चीज़ चिपकी थी। पास जाकर देखा तो गुबरैला (कैबुतोमुशी) है।
गर्मी आ गई~। बचपन में होता तो जोश आसमान छूने वाली बात, पर बड़े हो जाओ तो "अरे, गुबरैला है" जितनी शांत प्रतिक्रिया रह जाती है। फिर भी जब हमारे घर तक आया है, तो कुछ दिन कीड़ों के पिंजरे में डालकर पालकर देखने का तय किया।
100 येन की दुकान से बुरादा और कीड़ों की जेली ख़रीदी। माहौल के हिसाब से काफ़ी होगा। बस, गुबरैले की एक अनोखी गंध होती है। घर के भीतर पालने में उसकी मौजूदगी थोड़ी ज़्यादा भारी पड़ती है। इसलिए सीधी धूप न पड़ने वाले दरवाज़े के आगन में पिंजरा रख दिया। बस, मामला निपट गया। ……ऐसा होना चाहिए था।
गुबरैले अपने-आप इकट्ठा होने वाली गर्मी
दो दिन बाद। दरवाज़े से निकला तो पिंजरे के बाहर की ओर एक और गुबरैला चिपका था। "हम्म?" तू कहाँ से आया। चलो मौक़ा है, इसे भी पिंजरे में। अब 2 हो गए। पर अगली सुबह। आगन में फिर एक पड़ा है। ……। यह क्या हो रहा है।
पूरी तरह गुबरैले अपने-आप इकट्ठा हो रहे हैं। क्या साथियों की गंध पर आ रहे हैं? या कीड़ों की जेली की मीठी गंध पर? या गुबरैला जगत में "उस घर में खाना मिलता है" वाली जानकारी साझा हो रही है? क्या कोई सोशल मीडिया है? KabutoGram। पता नहीं।
2 दिन बाद, जाने क्यों बढ़ गए
उसके बाद मादा तक उड़कर आ गई। पता ही नहीं चला कि 5 से ज़्यादा हो गए। शुरू में एक था, पर पूरी तरह छोटा-सा गुबरैला अपार्टमेंट बन चुका है। और यह बढ़ने का ढंग, किसी तरह निवेश करते वक़्त के एहसास से भी मिलता है।
शुरू में "फ़िलहाल बस 100 शेयर" ही था, पर "यह सस्ता होगा" "थोड़ा और उठा लेता हूँ" "बस, अब इससे ज़्यादा नहीं बढ़ाऊँगा" कहते-कहते पता नहीं कब होल्डिंग बढ़ गई। बस इस बार KAZUKIN ख़रीद नहीं रहा। सामने से अपने-आप पोर्टफ़ोलियो में आ रहे हैं।
और सिर्फ़ नर नहीं, मादाएँ भी शामिल हो गईं। विविध निवेश भी अपने-आप आगे बढ़ रहा है। पता नहीं चला कब पिंजरा हाउसफ़ुल हो गया। पूरी तरह गुबरैला एकाग्र निवेश है। यह तो जोखिम प्रबंधन के हिसाब से ठीक नहीं। जो जीवंत हैं, उन्हें प्रकृति में मुनाफ़ा निकालकर……नहीं, रिलीज़ करने का तय किया। "ठीक रहना" कहकर छोड़ दिया। पर अगली सुबह। फिर कोई और आगन में है। ……। नई लिस्टिंग की रफ़्तार ग़लत है।
अब इससे ज़्यादा मुझे नहीं पता
सौभाग्य से कई पिंजरे थे, तो कुछ में बाँट दिया था, पर अब और बढ़े तो सँभालना संभव नहीं। कीड़ों की जेली के ख़र्च से पहले की समस्या है। इसलिए आगे जो भी नए गुबरैले आएँ, मूल रूप से प्रकृति पर छोड़ने का तय किया। गुबरैला होटल, नई बुकिंग बंद है।
पर इस बार फिर से लगा कि गुबरैला वाक़ई बहुत ताक़तवर प्राणी है। उस आकार में भी चिपकने की ताक़त बेहद है। पकड़ने पर उँगली में पैर लपेट दे तो सचमुच दर्द होता है। "अरे, दर्द दर्द दर्द" हो जाता है। ख़ासकर पिंजरे की जाली से चिपके गुबरैले को हटाना मुश्किल है। मैं भी काफ़ी सावधानी से खींचता हूँ, पर "इससे ज़्यादा खींचा तो पैर टूट जाएगा क्या?" सोचने जितना ज़ोर लगाओ तब भी अब भी नहीं छोड़ता।
यह कैसी पकड़ है। शेयर की भाषा में कहें तो छोटा शेयर, पर भीतर झाँको तो वित्त और कमाने की क्षमता अजीब तरह से मज़बूत, कुछ वैसा। सिर्फ़ दिखने के आकार से कम मत आँकिए। उँगली पर चिपक जाने के पल में उसकी ताक़त अपने शरीर से पता चल जाती है। PBR से न मापी जाने वाली पकड़ है।
अगर मुट्ठी के आकार का होता तो सचमुच डरावना
यहाँ KAZUKIN को अचानक एक बात सूझी। अगर गुबरैला मुट्ठी के आकार का होता तो क्या होता। आज के आकार में भी इतनी ताक़त है। मुट्ठी के आकार का होकर रात को दरवाज़े के आगन में भूऊऊऊन करके उड़ता आए तो?
शायद गर्मी की पहचान से कहीं आगे की बात होगी। ख़बरों में, "आज शहर में बड़ा गुबरैला देखा गया। कृपया ग़ैर-ज़रूरी बाहर निकलने से बचें" जैसा चलने वाला स्तर है। दरवाज़े पर चिपका हो तो घर से निकलना असंभव। उँगली पकड़ ले तो सचमुच चोट लगे। अब यह कीट-संग्रह नहीं, ख़तरनाक जानवर को हटाने का काम है।
ऐसा सोचो तो गुबरैला बिल्कुल सही आकार में पैदा हुआ है। दिखने में अच्छा। सींग अच्छा। ताक़त अच्छी। गर्मी का एहसास अच्छा। KAZUKIN स्टाइल रेटिंग में काफ़ी उम्दा शेयर है। बस एक बात ध्यान रहे। 5 से ज़्यादा में एकाग्र निवेश की सलाह नहीं देता।
सारांश
इस साल गर्मी में हमारे दरवाज़े के आगन में जाने क्यों गुबरैले इकट्ठा होते रहे। वजह आख़िर तक पता नहीं चली। जेली है? साथी हैं? या संयोग? बस एक बात समझ आई। गुबरैला, जितना सोचा उससे ज़्यादा ताक़तवर प्रकार का है। मुट्ठी के आकार का न होना सचमुच अच्छा रहा।
KAZUKIN स्टाइल रेटिंग
- 🪲 इकट्ठा होने की ताक़त ★★★★★ (बिना माँगे बढ़ते जाते हैं)
- 💪 पकड़ और ताक़त ★★★★★ (उँगली में सचमुच दर्द)
- 📊 विविध निवेश वाली बात ★★★☆☆ (नर-मादा अपने-आप शामिल)
- 💰 कीड़ों की जेली का ख़र्च ★★☆☆☆ (चुपचाप ख़र्च बढ़ता है)
- 😮💨 मुट्ठी के आकार का न होना कितना अच्छा ★★★★★ (सचमुच अच्छा)