असल में KAZUKIN का ज़िंदगी का पहला कॉम्पो

AIWA (आइवा) था।

और वह बेहद विशाल था।

स्पीकर तो,

"क्या यह कार्डबोर्ड का डिब्बा नहीं है?"

ऐसा लगने जितना बड़ा था (हाहा)।

उस वक़्त,

"बड़ा स्पीकर मतलब अच्छी आवाज़"

ऐसी छवि भी थी।

पर हक़ीक़त कठोर है।

आम आदमी के तंग कमरे में, उसकी क़ाबिलियत दिखाना तो दूर,

वह कमरे को दबाता रहने वाला विशाल फ़र्नीचर बन गया था।

"अच्छी आवाज़" से पहले,

"रास्ता रोक रहा है……।"

वाली भावना उग आई (हाहा)।

SANSUI से मुलाक़ात

और उसके बाद जिससे मुलाक़ात हुई,

वह था SANSUI (सानसुई) का सराउंड मिनी कॉम्पो।

यह सचमुच बहुत अच्छा था।

आकार छोटा होते हुए भी,

फ़िल्म चलाओ तो,

पीछे से आवाज़ उड़कर आती थी।

धमाके की आवाज़ पूरे कमरे में गूँजती थी।

"अरे, तो यह होता है सराउंड!"

उस वक़्त सचमुच मन भर आया।

फ़िल्म देखने की प्रतीक्षा रहने लगी,

छुट्टी के दिन DVD किराए पर लाकर,

लिविंग रूम को अपनी मर्ज़ी से सिनेमा हॉल बना देता था।

दिवालिया हो चुकी थी, फिर भी मरम्मत कराकर चलाया

पसंदीदा SANSUI।

पर बरसों इस्तेमाल करते-करते हालत बिगड़ गई।

असल में तब तक SANSUI दिवालिया हो चुकी थी।

फिर भी,

"अभी इस्तेमाल करना है।"

बस इसी चाह से मरम्मत कराकर चलाता रहा।

पसंदीदा चीज़ को पूरी तरह इस्तेमाल करना।

यही KAZUKIN का तरीक़ा है।

दूसरी बार ख़राब होना, उम्मीद से परे

मरम्मत से लौटा SANSUI।

"चलो, अब भी लड़ सकता है!"

……ऐसा सोचा ही था कि।

दूसरी बार ख़राबी, उम्मीद से परे।

"अरे अरे, फिर से!"

इस बार तो,

बदलने पर विचार करना पड़ा।

सच कहूँ तो ख़राब न होता तो आज भी इस्तेमाल करता। उतना अच्छा था वह सराउंड।

ONKYO से मुलाक़ात

और यूँ ही रुक गया घरेलू उपकरणों की दुकान पर।

वहाँ जिससे मुलाक़ात हुई,

वह था ONKYO INTEC205 FX सीरीज़।

INTEC275 को लेकर भी आख़िर तक उलझन रही।

सिर्फ़ संगीत हो तो 275।

फ़िल्म हो तो 205 FX।

दुकान में कितने चक्कर लगाए (हाहा)।

नतीजे में फ़िल्म के वास्तविक एहसास को प्राथमिकता देकर,

205 FX चुनी।

वह फ़ैसला 20 साल से ज़्यादा बाद आज भी ग़लत नहीं था, ऐसा मुझे लगता है।

सारांश

वैसे, लेख लिखते हुए ध्यान आया।

AIWA।

SANSUI।

ONKYO।

……।

पता नहीं क्यों KAZUKIN जिन ऑडियो निर्माताओं का इस्तेमाल करता है,

वे एक के बाद एक समय की लहर में बहते जाते हैं।

बेशक उत्पाद बुरे नहीं थे।

बल्कि सब बहुत पसंद थे।

पर इतनी बार होता रहे तो थोड़ी चिंता होने लगती है।

अगली बार ऑडियो ख़रीदते वक़्त,

निर्माता की आवाज़ से नहीं,

"कंपनी की वित्तीय हालत"

से जाँच शुरू करना बेहतर होगा, शायद (हाहा)।

ऑडियो जगत का यमदूत।

ऐसा कोई उपनाम न मिले, बस यही प्रार्थना है।

KAZUKIN स्टाइल रेटिंग

  • 🎬 सराउंड का ज़ोर (उस वक़्त) ★★★★★
  • 🔧 मरम्मत कराकर भी इस्तेमाल करने की चाहत ★★★★★
  • 😱 लगातार दो बार ख़राब होने का झटका ★★★★★
  • 💀 "KAZUKIN इस्तेमाल करे तो निर्माता दिवालिया" वाला सिद्धांत ★★★★★ (AIWA, SANSUI, ONKYO)
  • 📈 अगली बार वित्तीय हालत से चुनना चाहिए, यह समस्या ★★★★☆
KAZUKIN

山水いいよね

"टूटने तक इस्तेमाल करना। यही KAZUKIN का तरीक़ा है। ……पर हो सके तो टूटे न (हाहा)"

*यह लेख निजी राय और इस्तेमाल का रिकॉर्ड है। AIWA, SANSUI (सानसुई इलेक्ट्रिक) और ONKYO से इसका कोई संबंध नहीं है। मैं बस ऑडियो पसंद करने वाला ग्राहक हूँ। ट्रेडमार्क संबंधित अधिकार-धारकों के हैं।

*चित्र KAZUKIN के अनुभव पर आधारित काल्पनिक चित्रण हैं। असली दुकान या उत्पाद से अलग हो सकते हैं। ये निर्माता की आधिकारिक तस्वीरें नहीं हैं।